कसीदे नहीं पढूंगा दोस्त, मैं अब तुम्हारी शान में
निकल चुके तुम हाथ से, हो प्रतिभा की कमान में
अजीज थे, करीब थे, तुम मस्तियों में भी शरीक थे
अब धीर-गंभीर बनो, दुनिया देखो अपनी जान में
मैसेज टू योर मैरिड लाइफ----
ये डोर बहुत कमजोर है, रहना न खींचतान में
पत्नी की हर मांग पर, यसबॉस रखना जुबान में
सिल्वर जुबली मनाने के लिए देता हूं तुमको मूलमंत्र
दब के रहना, उफ न करना, न रहना किसी गुमान में
राज
28 जून 21
अजीज थे, करीब थे, तुम मस्तियों में भी शरीक थे
अब धीर-गंभीर बनो, दुनिया देखो अपनी जान में
मैसेज टू योर मैरिड लाइफ----
ये डोर बहुत कमजोर है, रहना न खींचतान में
पत्नी की हर मांग पर, यसबॉस रखना जुबान में
सिल्वर जुबली मनाने के लिए देता हूं तुमको मूलमंत्र
दब के रहना, उफ न करना, न रहना किसी गुमान में
राज
28 जून 21
कोई सहारा नहीं बचा, इस मय के सिवा
तन्हाइयों में इस कदर, नाकारा हो चुके हैं
उम्मीद न रखो यारो, हमसे मोहब्बत की
नहीं रहे दरिया हम, किनारा हो चुके हैं।
तन्हाइयों में इस कदर, नाकारा हो चुके हैं
उम्मीद न रखो यारो, हमसे मोहब्बत की
नहीं रहे दरिया हम, किनारा हो चुके हैं।