Sunday, October 24, 2021

मोहब्बत में दूरियां

कौन है दुनिया में जिसे मय से मोहब्बत नहीं 
कोई बोतल से तो कोई आंखों से पिया करता है 

अब मेरे लिए हो तुम जिंदगी और मौत का सबब 
तन्हाइयों में कोई तुम्हारा इंतजार किया करता है 

उम्र काटना मैं चाहता हूं तेरे दामन से लिपट कर
एक तू है कि जब तक हाथ छुड़ा लिया करता है 

और होता नहीं मयस्सर वो महीनों तक मुझे 
फिर भी मेरे नगमों का तू आकार हुआ करता है

राज

Thursday, July 8, 2021

प्रतिभा के लिए.....


कसीदे नहीं पढूंगा दोस्त, मैं अब तुम्हारी शान में
निकल चुके तुम हाथ से, हो प्रतिभा की कमान में
अजीज थे, करीब थे, तुम मस्तियों में भी शरीक थे
अब धीर-गंभीर बनो, दुनिया देखो अपनी जान में

मैसेज टू योर मैरिड लाइफ----

ये डोर बहुत कमजोर है, रहना न खींचतान में
पत्नी की हर मांग पर, यसबॉस रखना जुबान में
सिल्वर जुबली मनाने के लिए देता हूं तुमको मूलमंत्र
दब के रहना, उफ न करना, न रहना किसी गुमान में
राज
28 जून 21

कोई सहारा नहीं बचा, इस मय के सिवा
तन्हाइयों में इस कदर, नाकारा हो चुके हैं
उम्मीद न रखो यारो, हमसे मोहब्बत की
नहीं रहे दरिया हम, किनारा हो चुके हैं।

जख्म और जिंदगी

अपनों के लिए भी मैं अजनबी हो चुका हूँ।
कहते हैं सभी कि मैं मतलबी हो चुका हूँ।
खता इस खादिम की बस इतनी सी है खुदा।
दो रोटियों के चक्कर में, बेघर हो चुका हूँ।

तेरे फितूर में बेनूर हो चुका हूँ।
रहते-रहते तन्हा बेशऊर हो चुका हूँ।
अदब और शर्म से नहीं रहा नाता कोई
कुछ फिक्रमंदों ने बताया था मुझे---
मयखानों और दीवानों में मशहूर हो चुका हूँ।
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जख्मों के सिवा जिंदगी में, कुछ और नजर आता नहीं
कई तो नासूर बन गए, उनका इलाज समझ आता नहीं
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राज, 02 जुलाई 21