कौन है दुनिया में जिसे मय से मोहब्बत नहीं
कोई बोतल से तो कोई आंखों से पिया करता है
अब मेरे लिए हो तुम जिंदगी और मौत का सबब
तन्हाइयों में कोई तुम्हारा इंतजार किया करता है
उम्र काटना मैं चाहता हूं तेरे दामन से लिपट कर
एक तू है कि जब तक हाथ छुड़ा लिया करता है
और होता नहीं मयस्सर वो महीनों तक मुझे
फिर भी मेरे नगमों का तू आकार हुआ करता है
राज
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