Thursday, September 14, 2023

सरपरस्ती

मलाल नहीं कि जिंदगी तंगहाली में चली।
सुकून है कि मां बाप की सरपरस्ती में रहे।।
स्वजन और वतन छोड़ पैसे कमाए बहुत।
मगर मन हमारा घर की ड्योढी में रखा रहा।।
चकाचौंध दुनिया की कभी रास न आई हमको।
हृदय पर कब्जा रहा, हमेशा चांदनी रातों का।।
कभी चलकर तो देखो, खेतों की पगडंडियों पर।
मां की गोद का एहसास, न मिले तो तुम बताना।
राज 14 सितंबर 2023
हिंदी दिवस की शुभकामनाएं

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